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Saturday, 16 November 2019

रिव्यू-मसालों की बौछार में रपट कर ’मरजावां’

-दीपक दुआ...  (Featured in IMDb Critics Reviews)
चेतावनी : मसालेदार, चटपटी, बे-दिमाग फिल्में देखने, पसंद करने वाले ही आगे पढ़ें। बाकी लोग यहीं से पलट लें वरना रपट जाएंगे।

मुंबई अंडरवर्ल्ड का डॉन नारायण अन्ना। उसके बेटे जैसा हीरो रघु जो उसके एक इशारे पर जान ले-ले, दे-दे। इस बात से खफा उसका असली बेटा विष्णु रघु को दुश्मन मान बैठा है। रघु पर फिदा तवायफ आरज़ू। लेकिन रघु का दिल आया कश्मीर से आई ज़ोया पर। ज़ोया उसे सुधारना चाहती है। रघु-विष्णु की भिड़ंत में बेकसूर लोग मरने लगे तो रघु बागी हो उठा। लेकिन अन्ना के नमक ने उसे रोक लिया। आखिर एक दिन रघु ने बुरे लोगों को मार ही डाला।

Saturday, 18 May 2019

रिव्यू-रिश्तों का रंगीन पंचनामा-‘दे दे प्यार दे’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Review)
18 साल पहले अपने बीवी-बच्चों को छोड़ कर लंदन बसे 50 साल के बुड्ढेहीरो को एक 26 साल की लड़की मिलती है। शुरूआती लुका-छुपी के बाद ये दोनों शादी करने को राज़ी हो जाते हैं। हीरो उसे इंडिया में अपनी फैमिलीसे मिलवाने लाता है। दिक्कत यहां आकर शुरू होती है। हीरो की बेटी और बाप उसे दुत्कारते हैं। हीरो का बेटा अपनी होने वाली मांपर ही फिदा हो जाता है। हीरो की बीवी और हीरो की होने वाली बीवी के बीच एक अघोषित जंग छिड़ जाती है। हीरो बेचारा अब असमंजस में है कि पुराने रिश्ते निभाए या नए रिश्ते को थामे।

Saturday, 17 February 2018

रिव्यू-बिना तैयारी कैसी ‘अय्यारी’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
अय्यारीका मतलब क्या होता है?

पिछले दिनों जिस किसी के भी सामने इस फिल्म का जिक्र हुआ तो यह सवाल सबसे पहले पूछा गया। यानी आप बिना आगे कुछ पढ़े यह समझ लीजिए कि कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो अपने नाम से ही पिटने लगती हैं। अय्यारीउन्हीं में से एक है।