Sunday, 21 April 2019

रिव्यू-सिनेमा की हीरा मंडी में जन्मी एक नाजायज़ फिल्म-'कलंक'

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
प्यार, नफरत, गुस्सा, घृणा, त्याग, ममता, हास्य, वगैरह-वगैरह जैसी बहुत सारी फीलिंग्स किसी कहानी को पढ़ते-देखते समय हमारे मन में उपजती है। पर क्या आप यकीन करेंगे कि 'कलंक' देखते समय किसी किस्म का कोई भाव ही नहीं उपजता। इस कदर भावशून्य कहानी है कि फ़िल्म शुरू होने के बाद फ़िल्म से, खुद से, ज़िंदगी से भरोसा उठने लगता है। मन होता है कि थिएटर में सो जाएं, या बेहतर होगा कि ऐसी फ़िल्म देखने से तो अच्छा है, मर ही जाएं...!

Monday, 15 April 2019

क्रिटिक्स चॉइस फिल्म अवार्ड 21 अप्रैल को

-दीपक दुआ...
ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि देश के चुनिंदा फिल्म क्रिटिक्स फिल्मों और उनसे जुड़ी प्रतिभाओं के काम का आकलन करके उन्हें अवार्ड देंगे। भारत के चुने हुए फिल्म समीक्षकों-आलोचकों की एकमात्र संस्था ‘फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड’ यह काम करने जा रही है। इस गिल्ड की प्रमुख हैं अनुपमा चोपड़ा और राजीव मसंद, भारती प्रधान, रोहित खिलनानी, भावना सोमाया, भारद्वाज रंगन, राहुल देसाई, उदिता झुनझुनवाला, शुभ्रा गुप्ता, सुपर्णा शर्मा, ट्रॉय रिबेरो, स्तुति घोष, सुचारिता त्यागी, अजय ब्रह्मात्मज, सचिन चाट्टे, राजा सेन, सैबल चटर्जी, रोहित वत्स, शुभा शैट्टी साहा और मुझ समेत कई फिल्म समीक्षक इस गिल्ड से जुड़े हुए हैं।

Saturday, 13 April 2019

रिव्यू-बेरंग, बेतरतीब ’पहाड़गंज’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
पहाड़गंज-नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक रंग-बिरंगी बस्ती जिसकी गलियों से ज़्यादातर दिल्ली वाले भी वाकिफ नहीं हैं। देसी-विदेशी सैलानियों के रुकने के लिए यहां बड़ी तादाद में छोटे, मझौले, सस्ते, चलताऊ किस्म के होटल, गेस्ट-हाऊस वगैरह हैं। विदेशों से आने वाले निचले दर्जे के सैलानियों के बीच खासी लोकप्रिय जगह है यह और ऐसी तमाम जगहें अपने जिन उलटे, बदनाम धंधों के लिए जानी जाती हैं, वो सब यहां होते होंगे, ऐसा सुना और माना जाता है। निर्देशक राकेश रंजन कुमार की यह फिल्म इस बस्ती और इसके इर्द-गिर्द हो रही कुछ घटनाओं को दिखाती है।

Thursday, 4 April 2019

रिव्यू-‘रोमियो अकबर वॉल्टर’-रॉ है, कच्ची है

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
बैंक में काम करने वाले एक शख्स को हमारी खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ ने परखा, उठाया, सिखाया और जासूस बना कर पाकिस्तान भेज दिया। थोड़े ही वक्त में वो वहां की खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ की नज़रों में आ गया। लेकिन उसने भी हार नहीं मानी और बाज़ी ऐसी पलटी कि सब देखते रह गए।

Sunday, 31 March 2019

इंटरव्यू-मेरा टाइम आ चुका है-बिदिता बाग

-दीपक दुआ...
‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ में नवाजुद्दीन सिद्दिकी की नायिका बन कर आई बिदिता बाग इन दिनों फिर चर्चा में हैं। इस महिला दिवस यानी 8 मार्च को उनकी नई फिल्म ‘द शोले गर्ल’ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है। बिदिता बहुत उत्साह से इस बारे में बताती हैं, ‘यह फिल्म उन रेशमा पठान की जिंदगी पर बनी है जिन्हें हिन्दी सिनेमा की पहली स्टंट वुमैन माना जाता है। उन्होंने ‘शोले’ में हेमा मालिनी जी की बॉडी डबल के अलावा उस दौर की बहुत सारी नायिकाओं के लिए स्टंट किए थे। मुझे खुशी है कि मुझे इस रोल के लिए चुना गया और इसके कारण अब मेरे प्रोफाइल में ‘शोले’ जैसी महान फिल्म का नाम भी जुड़ गया है।’