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Friday, 30 July 2021

रिव्यू-मंज़िल तक पहुंचाती ‘मिमी’


-दीपक दुआ...  (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
अमेरिका से आया एक जोड़ा राजस्थान की लड़की मिमी को 20 लाख रुपए में सरोगेट मदर बनने पर राज़ी करता है। यानी अब मिमी इस जोड़े के बच्चे को 9 महीने तक अपनी कोख में रखेगी और बच्चा पैदा करके उन्हें सौंप देगी। लेकिन अचानक यह जोड़ा लापता हो जाता है। अब मिमी अपने घरवालों को, समाज को क्या जवाब देगी...? बच्चा हुआ, मिमी उसे पालने लगी। कुछ साल बाद वे गोरे धमके और उससे अपना बच्चा मांगने लगे। अब मिमी क्या करेगी...?

Saturday, 1 February 2020

रिव्यू-तालीम और तालिबान के बीच अटकी ‘गुल मकई’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
15 साल की मलाला अपने पिता से पूछती है-तालिबान की आखिर स्कूल से क्या दुश्मनी है?’ जवाब मिलता है-क्योंकि जो शिक्षित होते हैं, उन्हें फिर जिहाद या गलत हदीस (सीख) की तरफ ले जाना नामुमकिन होता है।

Wednesday, 8 May 2019

रिव्यू-काश, थोड़ी और सैट होती ‘सैटर्स’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critic Reviews)
अक्सर खबरों में दिखाई-सुनाई देता है कि फलां इम्तिहान में जम कर नकल चली, असली उम्मीदवार की जगह कोई और पेपर देता पकड़ा गया या पैसे लेकर सैटिंग हुई और पेपर पहले ही लीक हो गए। मन करता है यह जानने का कि आखिर वे कौन लोग हैं जो सैटिंग के इन कामों को अंजाम देते हैं? कैसे करते हैं ये लोग हर लेवल पर जाकर ऐसी सैटिंग कि किसी को पता भी नहीं चलता? या फिर पता तो सब को होता है लेकिन कोई सामने नहीं आता? तो क्या इस खेल में सिस्टम और उसकी मशीनरी भी शामिल होती है? अश्विनी चौधरी की यह फिल्म इन सारे सवालों के जवाब तलाशती है और खुल कर इस छुपे हुए खेल को दिखाती है जिसे करने वालों को सैटर्स कहा जाता है।