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Wednesday, 16 June 2021

ओल्ड रिव्यू-ज़मीनी सच्चाई दिखाती ‘उड़ता पंजाब’

-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
एक सीन देखिए-बिहार से आकर पंजाब के खेतों में काम कर रही मज़दूर (आलिया भट्ट) कहती है-‘हमने कभी बीड़ी नहीं पिया और पंजाब में इन लोगों ने हमको सुई (नशे) का आदत लगा दिया।इस पर नशा छोड़ कर सुधरने की कोशिश कर रहा रॉकस्टार टॉमी सिंह (शाहिद कपूर) सवाल करता है-‘तो फिर छोड़ क्यों नहीं देती?’ सवाल के बदले वह पूछती है-‘क्या, पंजाब या सुई?’ जवाब मिलता है-‘एक ही बात है...!’
 
यह इस फिल्म की कहानी का सच है जो बताता है कि कैसे देश के सबसे अमीर सूबों में गिने जाने वाले पंजाब के गबरू जवान नशे के शिकार होकर परिवार और समाज पर बोझ हुए जा रहे हैं। कैसे यह पांच दरियाओं की धरती नशे का पर्याय बन चुकी है। और यह भी कि अगर आपको नशा छोड़ना है तो आपको यह जगह छोड़नी होगी क्योंकि यहां तो हर जगह नशे का राज है।

Sunday, 15 March 2020

रिव्यू-आधी पास-आधी फेल ‘अंग्रेज़ी मीडियम’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
पिता-वह मूर्ख प्राणी जो अपने बच्चों की खुशी के लिए किसी भी हद तक जा सकता हैकी टैगलाइन के साथ शुरू होने वाली यह फिल्म राजस्थान के उदयपुर की तारिका बंसल की लंदन के एक मशहूर और महंगे कॉलेज में पढ़ने की ख्वाहिश को पूरा करने की उसके पिता चंपक बंसल की कोशिशों और संघर्ष को दिखाती है। अपना सब कुछ दांव पर लगा कर भी चंपक अपनी बेटी के सपने को पूरा करने में जुटा रहता है। उसे लगता है कि अपनी पत्नी के आगे पढ़ने का सपना पूरा करके उसके जो गुनाह किया है, अपनी बेटी की इच्छा पूरी करके वह उसका प्रायश्चित कर सकेगा।

Thursday, 26 December 2019

रिव्यू-मुबारक हो, ‘गुड न्यूज़’ है

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
वरुण बत्रा-दीप्ति बत्रा। पति-पत्नी। बरसों की कोशिश के बाद भी ये दोनों मां-बाप नहीं बन पा रहे थे तो ये लोग पहुंचे डॉ. जोशी के आई.वी.एफ. क्लिनिक में ताकि कृत्रिम गर्भाधान करवा सकें। लेकिन एक गड़बड़ हो गई। वहां चंडीगढ़ से हनी बत्रा-मोनिका बत्रा भी इसी काम से आए हुए थे और क्लिनिक वालों की गलती से वरुण बत्रा के स्पर्म मोनिका की कोख में और हनी बत्रा के दीप्ति की कोख में जा पहुंचे। अब क्या किया जाए?

Friday, 1 June 2018

रिव्यू-‘चरमसुख’ नहीं दे पाती ‘वीरे दी वेडिंग’

-दीपक दुआ...  (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
वीरे दी वेडिंग’-लगता है या तो वीर नाम के किसी पंजाबी लड़के की शादी होगी या किसी के वीर’ (पंजाबी में भाई) की। लेकिन यहां एक लड़की की शादी है और उसकी तीन सहेलियां इस शादी के लिए आई हुई हैं। ये चारों लड़कियां पुरानी दोस्त हैं, चड्डी-बड्डी, ब्रा-ब्रो टाइप की। ये एक-दूसरे को वीरे (भाई, ब्रो) कहती हैं।

इन चारों में से एक वकील है। तलाक-स्पेशलिस्ट, जो अपनी मां के कहने पर शादी के लिए लड़के देख रही है। दूसरी अपने पिता की मर्जी के खिलाफ किसी गोरे से शादी करके विलायत में रह रही है और एक बच्चे की मां है। तीसरी की शादी में उसके पिता ने साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च कर दिए पर वह छह महीने में ही अपने पति को छोड़ कर वापस गई। चौथी, जिसकी शादी है, वो सिर्फ अपने लवर की खुशी के लिए शादी कर रही है।

Monday, 21 August 2017

मालाबार में आईं करीना छाईं करीना


उस शाम उत्तरी दिल्ली के पीतम पुरा में हजारों लोगों का रुख एक ही तरफ था। मौका था नेताजी सुभाष प्लेस में मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के 179वें शोरूम के उद्घाटन का और इस भीड़ का कारण था अभिनेत्री करीना कपूर का आगमन। हालांकि करीना फिल्मी सितारों की तरह देर से आईं लेकिन उन्होंने अपने चाहने वालों को निराश करते हुए उनके साथ जम कर फोटो खिंचवाए। शोरूम का उद्घाटन करते हुए करीना ने कहा कि आभूषण से सिर्फ सुंदरता बढ़ती है बल्कि पहनने वाले के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होती है। 1993 में केरल से शुरू हुआ मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स आज अपने पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन वाले आभूषणों के साथ देश के लगभग हर हिस्से में मौजूद है। मालाबार के चेयरमैन एम.पी. अहमद इस विस्तार का श्रेय अपने समूह की पारदर्शिता और ग्राहकों के भरोसे को देते हुए बताते हैं कि बहुत जल्द दिल्ली-एन.सी.आर. में मालाबार के और भी शोरूम खोले जाएंगे। खास बात यह है कि अगले कुछ दिन तक यहां 30 हजार के गहने खरीदने पर सोने का सिक्का उपहार में दिया जा रहा है।