आज की दिल्ली में एक सीरियल किलर का आतंक है। वह चुन-चुन कर उन लोगों को मार रहा है जो भले हैं, परोपकारी हैं। हर कत्ल का एक ही पैटर्न। सीबीआई के दिग्गज फॉरेंसिक और अपराध-विज्ञान में एक्सपर्ट लोग भी लाचार। क्यों...?
11 बरस पहले बनारस में एक लड़के ने अपने पिता को मार डाला। गजब लड़का। पन्ने पलटते-पलटते किताबें याद कर लेता। ज़बर्दस्त मेधावी लेकिन पिता उसे असुर कहते थे। क्यों...?
क्या वही लड़का ये सारे कत्ल कर रहा है? क्या वह अकेला है या उसकी कोई टीम है? और क्या वह सचमुच कत्ल कर रहा है या फिर धरती से अच्छाई को मिटा रहा है ताकि कोई अवतार आए और वह उससे भिड़े...?
क्या वही लड़का ये सारे कत्ल कर रहा है? क्या वह अकेला है या उसकी कोई टीम है? और क्या वह सचमुच कत्ल कर रहा है या फिर धरती से अच्छाई को मिटा रहा है ताकि कोई अवतार आए और वह उससे भिड़े...?



