-दीपक दुआ...
देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले किस्म-किस्म के फिल्म समारोहों में से ज्यादातर बड़े शहरों तक ही सिमटे हुए हैं। कुछ समारोह छोटी जगहों पर हो भी रहे हैं तो उनमें फिल्मी हस्तियों की भागीदारी नहीं होती। ऐसे में ‘खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह’ इस मायने में खास है कि एक तो यह खजुराहो जैसी उस जगह पर होता है जहां कोई थिएटर, कोई ऑडिटोरियम तक नहीं है और इस समारोह के लिए खासतौर से ‘टपरा टॉकीज’ यानी टैंट से बने अस्थाई थिएटर बनाए जाते हैं, वहीं इसमें हर साल बड़ी तादाद में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के नामी कलाकार और निर्देशक न सिर्फ बतौर मेहमान बुलाए जाते हैं बल्कि इस आयोजन की तमाम गतिविधियों में भी ये लोग शिरकत करते हैं। पिछले छह बरस से हर साल दिसंबर के महीने में यह फिल्मोत्सव आयोजित किया जाता है।



